तुम
कुछ पल हैं हमारा, जिसमे साथ था तुम्हारा
ये उन दिनों की बाते, जब तेरे बिन मेरा
कुछ नहीं होता गवारा |
बताओ एक बात, जब बितायी थी सारी रात
और तूने खायी कसम मेरे साथ,जब टुटा था तारा
की कभी नहीं हाथ छोड़ेंगे तुम्हारा |
तेरे लिए बिजी रहना, तेरे दिल के लिए काम करना
तेरी मुस्कान के लिए हर दर्द को सहना
तुझे अपना बनाने के लिए हर गम से लड़ना
तुझे देख कर सारे गम भूल जाना
यूँ तेरा मुझे देख कर हस के मुस्कुराना
आखो में आँखे डाल कर कुछ न कहना
हाथोँ में हाथ डाल कर बस देखते जाना
यूँ तेरा मुझे देख कर उस पल में शर्माना
यूँ रब का मुझे तेरे लिए बनाना
बस बार-बार यही सोचूँ कैसे करुँ
रब का शुकराना ||
Written by- Ansh srivastava

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