शायद
शायद मुझे प्यार हो रहा था,
इस दिल को ये एहसास हो रहा था,
क्या पता था इस फूल को मिलने वाली तितली थी,
जो वर्षो बाद दोबारा इस फूल को मिली थी,
आज कुछ अलग होगा इस दिल को एहसास हो रहा था,
शायद मुझे प्यार हो रहा था ||
जब मिलवाया था किसी ने तुझसे उस दिन,
तुझे देख के मदहोश हो गया था ये दिल,
उसी दिन से इस दिल को अपने आप पर ऐतबार हो रहा था,
शायद मुझे प्यार हो रहा था ||
उस दिन के बाद से तुझे अपने ख़्वाब में भी पाया करता था,
तुझसे क्या बाते करुगा यही सोच के दिन बीत जाया करता था,
इस दिल को अपने हॉल का कोई ख्याल नहीं रहता था,
शायद मुझे प्यार हो रहा था ||
तुझे स्कूल जाता देख बस तुझे हे देखा करता था,
स्कूल में भी बैठ कर तेरे बारे में सोचा करता था,
केमिस्ट्री की पीरियड में अपनी केमिस्ट्री कैसे बनेगी यही सोचा करता था,
ये दिल संभाले नहीं संभाला करता था,
शायद मुझे प्यार हो रहा था ||

nice
ReplyDelete