तो क्या हुआ
तो क्या हुआ तुम मुझसे अब प्यार नहीं करती पर मैं करता हूँ ना,
तो क्या हुआ तुम मुझसे दूर बिना बात किये रह सकती हो पर मैं नहीं रह सकता हूँ ना,
तो क्या हुआ तुम मुझे अब अपना नहीं मानती पर मैं तुमको आज भी अपना मानता हूँ ना,
तो क्या हुआ मेरी जगह अब किसी और ने ले ली हैं पर तुम्हारी जगह अभी तक किसी ने नहीं ली हैं,
तो क्या हुआ तुम्हारा वक़्त अब किसी और के साथ बीतता हैं पर मेरा वक़्त अभी भी तुम्हारे ख्यालो में बिता करता हैं,
तो क्या हुआ तुमको मेरी'कमी महसूस नहीं होती पर मुझे तुम्हारी कमी हर जगह महसूस होती हैं,
तो क्या हुआ तुम अब किसी और के साथ कसमे वादे निभा रही हो पर मैं आज भी तुमसे किये कसमे वादे निभा रहा हूँ,
तो क्या हुआ मैं अब तुम्हारे सपनो में नहीं हूँ पर तुम आज भी मेरे सपनों में आया करती हो,
तो क्या हुआ मेरे बिना तुम्हरी ज़िन्दगी पूरी हैं तुम्हारे बिना मेरी ज़िन्दगी आज भी अधूरी हैं,
तो क्या हुआ तुम मुझे इतनी आसानी से भूल गयी पर मैं तुम्हे आज भी नहीं भूल पाया हूँ,
तो क्या हुआ तुमको मेरी कोई जरूरत नहीं हैं पर मुझे तुम्हारी बहुत जरूरत हैं,
तो क्या हुआ तुमको अब मेरी याद नहीं आती हैं पर मुझे तुम्हारी शामों सुबह याद आती हैं ||
तो क्या हुआ हमारा अब साथ नहीं हैं क्यूंकि मेरे हाथों में तुम्हारा हाथ नहीं हैं
Written by-Ansh Srivastava
तो क्या हुआ तुम मुझसे दूर बिना बात किये रह सकती हो पर मैं नहीं रह सकता हूँ ना,
तो क्या हुआ तुम मुझे अब अपना नहीं मानती पर मैं तुमको आज भी अपना मानता हूँ ना,
तो क्या हुआ मेरी जगह अब किसी और ने ले ली हैं पर तुम्हारी जगह अभी तक किसी ने नहीं ली हैं,
तो क्या हुआ तुम्हारा वक़्त अब किसी और के साथ बीतता हैं पर मेरा वक़्त अभी भी तुम्हारे ख्यालो में बिता करता हैं,
तो क्या हुआ तुमको मेरी'कमी महसूस नहीं होती पर मुझे तुम्हारी कमी हर जगह महसूस होती हैं,
तो क्या हुआ तुम अब किसी और के साथ कसमे वादे निभा रही हो पर मैं आज भी तुमसे किये कसमे वादे निभा रहा हूँ,
तो क्या हुआ मैं अब तुम्हारे सपनो में नहीं हूँ पर तुम आज भी मेरे सपनों में आया करती हो,
तो क्या हुआ मेरे बिना तुम्हरी ज़िन्दगी पूरी हैं तुम्हारे बिना मेरी ज़िन्दगी आज भी अधूरी हैं,
तो क्या हुआ तुम मुझे इतनी आसानी से भूल गयी पर मैं तुम्हे आज भी नहीं भूल पाया हूँ,
तो क्या हुआ तुमको मेरी कोई जरूरत नहीं हैं पर मुझे तुम्हारी बहुत जरूरत हैं,
तो क्या हुआ तुमको अब मेरी याद नहीं आती हैं पर मुझे तुम्हारी शामों सुबह याद आती हैं ||
तो क्या हुआ हमारा अब साथ नहीं हैं क्यूंकि मेरे हाथों में तुम्हारा हाथ नहीं हैं
Written by-Ansh Srivastava
May it could be possible one she will with u🤔🤔🙄
ReplyDeleteTesting Phase Of Relationship... No Matter What.. Anyhow Love Will Prevail...😊😊
ReplyDeleteAwesome bro....😆😆
ReplyDeleteNyc
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